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​15 जुलाई से शुरू होगा पॉलीटेक्निक का नया सत्र, निर्देश जारी​


​लखनऊ।​ पॉलीटेक्निक संस्थानों में नए सत्र को लेकर भी कवायद शुरू हो चुकी है। नए सत्र की शुरुआत 15 जुलाई से हो रही है। इस बारे में प्राविधिक शिक्षा परिषद के सचिव संजीव कुमार सिंह ने बताया कि सभी पॉलीटेक्निकों के यह निर्देश दे दिया गया है कि वो द्वितीय वर्ष व अन्तिम वर्ष के छात्रों की कक्षाएं शुरू कर दें, जिससे इन छात्रों की समय रहते थ्योरी व प्रैक्टिकल की कक्षाएं समय से पूरा हो सके।
वहीं प्रवेश लेने वाले नए छात्रों का दाखिला होने के बाद सत्र शुरू करना होगा। इसमें किसी भी प्रकार की देरी करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि पिछले वर्ष सेमेस्टर प्रणाली लागू होने से देर से सत्र शुरू हुआ था, जिसके कारण कक्षाएं समय से नहीं हो सकी थी। बाद में सेमेस्टर परीक्षा कुछ दिनों के लिए टाला गया था।
​बुक बैंक की मिलेगी सुविधा​
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नए सत्र से छात्रों को सेमेस्टर में पढ़ने के लिए मंहगी किताबें नहीं खरीदनी पड़ेगी। बुक बैंक योजना के तहत छात्रों को संस्थान में प्रवेश लेने के बाद पढ़ाए जाने वाले सभी पाठ्यक्रमों की किताबें दी जाएगी। छात्रों को किसी भी किताब को खरीदने की जरुरत नहीं होगी। इसके बाद छात्रों को सेमेस्टर परीक्षा समाप्त होने के साथ ही सभी किताबों को वापस करना होगा। इस सुविधा के लिए छात्रों से सिक्योरिटी फीस ली जाएगी जो कोर्स पूरा करने के बाद उन्हें वापस दे दी जाएगी।
​किताब खोने पर देना होगा जुर्माना​
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बुक बैंक योजना के तहत मिली हुई किताब छात्र से अगर खो जाती है तो इसके लिए छात्र को जुमार्ना भरना होगा। जुमार्ना नहीं भरने की स्थिति में छात्र द्वारा जमा की गई सिक्योरिटी फीस से किताब की कीमत काट ली जाएगी।
​रैगिंग से निपटने के लिए कड़े कदम​

रैगिंग से निपटने के लिए विभाग के निदेशक ने संस्थाओं को रैगिंग रोकने के लिए कमेटी बनाने और सुरक्षा के लिए तैयारी करने को कहा है। इस निर्देश में कहा गया है कि पॉलीटेक्निक संस्थाएं रैंगिंग विरोधी दस्ते का गठन करें। जिसमें अनुभवी राजपत्रित अधिकारियों के साथ ही प्रत्येक संकाय के एक वरिष्ठ शिक्षक, व अधीक्षक शामिल हों।

​छात्रावासों का होगा औचक निरीक्षण​

छात्रावास के औचक निरीक्षण के लिए छात्रावास अधीक्षक की अध्यक्षता में परिसर आवासीय शैक्षिक स्टाफ की ऐसी समिति बनाई जाएगी, जिसमें सभी संकाय के शिक्षक सम्मिलित होंगे। यह समिति छात्रावास का औचक निरीक्षण करेगी। जो अवैध रूप से छात्रावास में रह रहे छात्रों, रैगिंग आदि गतिविधियों को रोकेगी।

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