Skip to main content

प्यार का पहला एहसास

---"एक नज़र में भी प्यार होता है"---
---
"देर लगी आने में तुमको
शुक्र है फिर भी आये तो"
ऑटो में ये गाना उस वक़्त और भी शानदार लगने लगा, जब ऑटो रुकी और एक बेहद खूबसूरत लड़की 'जो शायद जन्नत से भटककर यहाँ चली आई थी' , ऑटो में बैठी ।

आज राजाजीपुरम से अमीनाबाद तक आधे घंटे का सफ़र रोमांटिक गानों की चपेट में रोमांटिक होता जा रहा था ।
यूँ ही नज़रों का बार बार टकराना और दिल का सीने को धकेलकर धड़क उठना चलता रहा ... चलता रहा ।
अब ये ड्राइवर की करामात थी या क़िस्मत की, अब या ड्राइवर जाने या क़िस्मत, पर यहाँ हर गाना मेरे दिल-औ-दिमाग़ को ही पढ़कर बजता रहा ।
---
"हैं जो इरादे बता दूँ तुमको
शर्मा ही जाओगी तुम,
धड़कने जो सुना दूँ तुमको
घबरा ही जाओगी तुम"
शायद हम दोनों का गाने के हर एक बोल पर उतना ही ध्यान था जितना एक दूसरे पर ---
और गानें के ये बोल सुनते ही उसका, अपनी तिलिस्मी निगाहों को झुकना और एक हल्की सी मुस्कान .... मेरा दिल का बुरा हाल करने के लिए काफ़ी थी, मानों दिल को सीने के अंदर रखकर मैंने उसके साथ बेमानी कर दी हो और वह ज़ोर ज़ोर से धड़क कर वहां से हटने के लिए बेताब हो । और मैं लम्बी लम्बी सांसे छोड़कर उसे कह रहा होऊं, "ऐ नादाँ और बेक़ाबू दिल, क़ाबू कर ख़ुद पे तेरी वहीं जगह है" ।
---
Image Source
"ज़बाँ ख़ामोश रहती है
नज़र से काम होता है,
इसी पल का ज़माने में
मोहब्बत नाम होता है"
और इस गाने ने तो मानों, जान ही निकाल दी थी ।
इन गहरी ख़ामोशी के बीच नज़र शोर मचाते हुए क्या काम कर रही थी, ये उसकी नज़र जानती और मेरी नज़र जानती थी । कुमार शानू का ये जादुई गाना, शायद हमारे दिल की बात एक दूसरे को बता रहा था ।
"आज क़यामत पे भी शायद क़यामत आ पहुंची थी"
ऑटो नक्खास से आगे बढ़ चुकी थी, मंजिल अभी 10 मिनट की दुरी पर, पर सामने एक और मंज़िल थी जिसने गज़ब का मंज़र बना रक्खा था ।
तभी उसका फ़ोन बजा, -- " हाँ भइया कहाँ ? ..... क्या ? .... अमीनाबाद नहीं, रकाबगंज .... ठीक है ।
'भइया रकाबगंज रोक लेना' -- ऑटो वाले को अपनी सुरीली, और जादुई आवाज़ में उसने इत्तला किया और एक नज़र मेरी तरफ देखा, वो शायद बता रही की अब और ज़्यादा देर नहीं ।
---
हाँ मुश्किल से मेरे पास दो मिनट और था,
तभी मेरे दिल में छिपे ग़ालिब बोल उठे,
"छोड़ दूँ उन्हें यूँ ही जाने के लिए, या
बहका लूँ ख़ुद को उन्हें पाने के लिए ।"
कुछ करना पड़ेगा, मोबाइल नंबर मांगता हूँ -- सोचते हुए मैं, कुछ हरकत में आता हूँ और वो भी ...
और एक लंबी साँस लेके, ऑटो में बैठे सभी लोगों को नज़रन्दाज़ करते हुए, आख़िरकार, बड़े ही सहज अंदाज़ में मैंने उससे बोला -- "अच्छा अंशिका, अपना मोबाइल नंबर दो यार"
(नाम इसलिए ताकि औरों को शक़ ना हो ।)
हाँ, आईडिया का तो होगा ही, ये वोडाफोन वाला नोट करलो -- उसने मुझसे ज्यादा सहज अंदाज़ में कहा ।
नाइन नाइन --
हाँ,
वन एट--
क्या ?
वन एट--
हाँ,
जल्दी आओ भई, रकाबगंज -- (ड्राइवर का ये कहना मानो ऐसा लगा के एग्जाम में टाइमआउट के बाद एक क्वेश्चन थोड़ा हुआ तबतक टीचर का आके कॉपी छीन लेना)
और तभी तुरंत ही तिराहे के पास खड़े उसका भाई बिल्कुल ऑटो के गेट के पास आ गया -- जल्दी उतरो, देर हो रही है ।
उसने एक नज़र देखा, परेशान सी नज़रों से, अधूरी मुहब्बत समेटे हुए नज़रों से, मानों कह रही हो, हम फिर जरूर मिलेंगे ..... और वो बैठ के चली जाती है ---
वो आख़िरी पल, दिल की धड़कन रोकने के लिए काफी थे । नाइन नाइन वन एट .......... उफ्फ्फ्फ्फ़ ......उस वक़्त स्क्रीन पर ये चार डिजिट देख कर मैं पत्थर का हो चूका था, दिल की धड़कन साफ़ सुनाई दे रही थी । मैं बिल्कुल हताश था, अभी क्या हुआ था मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था । उसके बाद कौन गाना बजा .... मुझे ख्याल तक नहीं, ।
उतरो भाई की यहीं सोने का इरादा है -- ड्राइवर की तेज़ आवाज़ सुनकर मैं होश में आया ।
क्या भाई, चौथी बार बुलाया हूँ तब सुने हो --
अरे भाई वो थोड़ी आँख लग गई थी -- पैसे देकर मैं आगे बढ़ गया ।
(क़िस्मत को भी खिलवाड़ करने का बहुत शौक होता है, ये मुझे आज पता चला था ।
ये बात आज पता चली थी की क़िस्मत हमारी नहीं होती बल्कि हम क़िस्मत के होते हैं उसे जो अच्छा लगेगा वही हमें देगी और शायद क़िस्मत को भी कुछ मनोरंजन चहिए होता हो, चाहे जैसे, खिलौने से खेलकर या फिर किसी के दिल से ।)
---
हाँ, एक नज़र में भी प्यार होता है ।
---
©®रमन रस्तोगी

Comments

Popular posts from this blog

BIOGRAPHY OF MARK ZUCKERBERG IN HINDI | मार्क जुकरबर्ग की जीवनी हिंदी में

कोई इंसान चाहे तो क्या नही कर सकता और किसी चीज को पुरे दिल से चाहो तो ईश्वर भी आपकी सहायता करता है ऐसी ही कहानी है Mark Zuckerberg की ! उम्र सिर्फ 19 साल थी जब फेसबुक को शुरू किया था आइये जानते है Mark Zuckerbergके पुरे जीवनकाल के बारे में की कैसे एक साधारण लड़का youngest billionaires की list में शामिल हो गया ! Mark Zuckerberg motivational Quotes in Hindi ‘Facebook  शुरू करने का मूल उद्देश्य कोई कंपनी बनाना नहीं था ,  इसे तो सामाजिक उद्देश्य से बनाया गया था ताकि विश्व अधिक खुल सके और जुड़ सकें ! ’ Mark Zuckerberg motivational Quotes in Hindi संसार की दूसरी सबसे बिजी वेबसाइट : फेसबुक इंक. एक अमेरिकी मल्टीनेशनल इंटरनेट कॉरपोरेशन है, जो सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट facebook चलाता है इसका मुख्यालय मेनलो पार्क कैलिफ़ोर्निया में है ! facebook सबसे ज्यादा पुरानी नहीं है और इसे फरवरी 2004 में शुरू किया गया था कंपनी की अधिकांश आमदनी विज्ञापनों से होती है ! और 2011 में एशिया मध्य में 3.71 अरब डॉलर थी इसमें 3539 कर्मचारी काम करते थे और 15 देशों म...

कैसे बढ़ाएं अपना आत्मविश्वास:How to improve ur self confidence

hi friends, आज हम जानेगे की किसी भी कार्य को करने के लिए अपने आत्म विश्वास को बढ़ाना कितना जरुरी है ये हम सभी जानते है की बिना आत्मविश्वास कोई भी व्यक्ति सफल नही हो सकता । और सफलता ...

एशिया की सबसे बड़ी लाइब्रेरी : रजा लाइब्रेरी।।Ashia's Biggest library :Rampur Raza library

हैलो दोस्तों,    आज मैं बात कर रहा हूँ उस लाइब्रेरी की जो एशिया की सबसे बड़ी और सबसे सुंदर  लाइब्रेरी है। जी हां रामपुर रज़ा लाइब्रेरी जो उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में स्थित है। यह लाइब्रेरी केवल लाइब्रेरी ही नही बल्कि एक म्यूजीयम है। मैं यह बात इसलिए बोल रहा हूँ कि इस लाइब्रेरी में पुस्तको के अलावा हज़ारो तरह के हथियार एवं प्राचीन शिल्प कला से सुसज्जित मूर्तियां रखी हुई है। लाइब्रेरी में स्थित स्तम्भ इसकी खूबसूरती में चार चांद लगते है, एवं लाइब्रेरी के बाहर सूंदर झील इसे और भी खूबसूरत बनाती है। यह लाइब्रेरी उत्तर प्रदेश की प्राचीन विरासतों में सुमार है,तथा यदि सुंदरता की बात की जाए तो यह किसी दर्शनीय स्थल से कम नही है , लाइब्रेरी में रखी हुई ज्यादातर पुस्तके उर्दू और अरबी भाषा मे लिखी गई है , लाइब्रेरी को देखने के लिए भारत के कोने कोने से लोग यहां आते है तथा वीडियो शूटिंग भी करते है , यही नही कई बार तो यहां विदेशी भी देखने को मिलते हैं। लाइब्रेरी की सुरक्षा के लिए लाइब्रेरी के चारो ओर गार्ड्स की तैनाती रहती है , लाइब्रेरी की सफाई के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के वर्कर्स ल...